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चाईबासा : जगन्नाथपुर पुलिस ने दो बच्चों को ट्रैफिकिंग का शिकार होने से बचाया

संतोष वर्मा

चाईबासा में एक ओर जहां रोजाना चाइल्ड ट्रैफिंग का मामला सामने आ रहा है. वहीं अभिभावकों एवं स्कूल संचालकों की उदासीनता से आए दिन ऐसी घटना को बल मिल रहा है. जगन्नाथपुर पुलिस ने शनिवार की रात ट्रैफिकिंग के शिकार होने से दो नाबालिग बच्चों को न सिर्फ बचाया बल्कि सकुशल उन्हें उनके स्कूल तक पहुंचाया.

बता दें कि शनिवार की रात पुलिस को दो मासूम बच्चों के थानांतर्गत मोगरा पंचायत के बलियाडीह गाँव में देखे जाने की सूचना मिली. पुलिस तुरन्त हरकत में आ गई. थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से अनहोनी टली. शनिवार के रात्रि करीब 11: 30 बजे स्थानीय पत्रकार एवं ग्रामीणों से जगन्नाथपुर थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक को दुरभाष से सूचना मिली कि दो मासूम बच्चे कहीं से आ गए है और दोनों मासूम मोगरा पंचायत के बलियाडीह गाँव के आस पास देखा गया है, अधिक अंधेरा होने के कारण बच्चे डर से आगे नही जा पा रहे है.

उक्त सूचना पर थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक तुरन्त संज्ञान लेते हुए सूचना का सत्यापन एवं आवश्यक करवाई करने हेतु सअनि उमेश प्रसाद, सअनि सोमाय टुडू को गश्तीदल के साथ बालियाडीह भेजे. दोनो पुलिस पदाधिकारियों ने दोनों मासूम नाबालिग बच्चो को बलियाडीह से खोजकर थाना ले आये. थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक के पूछताछ करने पर दोनों मासूमो ने अपना नाम दिलीप सिंह हैस्सा उम्र करीब 12 वर्ष एवं लक्ष्मण सुरेन उम्र करीब 9 वर्ष बताया. दोनो मासूमो ने बताया कि दोनों सेंटपॉल आवासीय विद्यालय मलूका के छात्र है, विद्यालय में बढिया खाना नही दिया जाता है, खटिया खाना खाकर परेशान हो गए है जिसके कारण दोनों नाबालिग स्कूल से दिन के दो बजे ही भाग गए थे.

थाना प्रभारी मोदक ने मलूका सेंटपॉल स्कूल के फादर मुकेश केरकेट्टा एवं मलूका के स्थानीय ग्रामीण बोनिपास पूर्ति को बुलाकर दोनो मासूम नाबालिग बच्चो को सौप दिया. वहीं थाना प्रभारी मोदक ने कहा कि स्कूल प्रबंधन का काम है कि वे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें, उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश कर उन्हें दूर करे. बच्चों का सही देखरेख में रखे तथा बच्चों को सुरक्षा प्रदान करे. उन्होंने अभिभावकों से कहा कि स्कूल संचालकों के साथ साथ बच्चों की देखभाल करने की पूरी जिम्मेदारी माता-पिता का है. अभिभावक बच्चों का स्वयं देखरेख करे, केवल स्कूल के भरोसे अपने बच्चों को न छोड़े.

गौरतलब है कि सेंटपॉल स्कूल से बच्चों के भागने की ये दूसरी घटना है. पहले भी स्कूल से एक बच्चा भाग चुका है. उस घटना में भी बच्चे को थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक ने ही दो दिनों में खोजकर स्कूल प्रबन्धक को सौंपा था.

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